दिल में रखने की बात है ग़म-ए-इश्क़ — दाग़ देहलवी
दिल में रखने की बात है ग़म-ए-इश्क़
इस को हरगिज़ न बरमला कहिए
“The grief of love is a secret meant for the heart to hold; never, by any means, should it openly be told.”
— दाग़ देहलवी
अर्थ
इश्क़ का दर्द दिल में छिपाकर रखने की बात है, इसे कभी भी सबके सामने ज़ाहिर नहीं करना चाहिए।
विस्तार
शायर यहाँ इश्क़ के दर्द की पाकीज़गी और उसके रख-रखाव की बात कर रहे हैं। ग़म-ए-इश्क़ कोई नुमाइश की चीज़ नहीं, बल्कि एक नाज़ुक अमानत है जिसे दिल के किसी कोने में छुपाकर रखना ही उसकी सच्ची इज़्ज़त है। इसे सरेआम बयान करने से इसकी गरिमा खो जाती है, इसलिए इस मीठे दर्द को खामोशी से सहना ही मोहब्बत का सबसे बड़ा सलीका है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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