'दाग़' है बद-चलन तो होने दो सौ में होता है इक ग़ुलाम ख़राब

“If Dagh has gone astray, then let him be; among a hundred slaves, one often turns out bad.”

— दाग़ देहलवी
अर्थ

अगर 'दाग़' का चाल-चलन खराब है तो रहने दो, आख़िर सौ में से एक गुलाम तो बिगड़ा हुआ निकल ही आता है।

विस्तार

इस शे'र में दाग़ देहलवी का बेबाक और शोख़ अंदाज़ देखते ही बनता है। जब ज़माना उनकी बदचलनी पर उँगलियाँ उठाता है, तो वे बड़ी मासूमियत और बेपरवाही से कहते हैं कि अगर महबूब के सैकड़ों ग़ुलामों में से एक थोड़ा बिगड़ैल निकल भी गया, तो कौन सी बड़ी बात है! दाग़ यहाँ अपनी ख़ामियों को छिपाने के बजाय उन्हें महबूब की वफ़ादारी का चोला पहनाकर एक ख़ूबसूरत अदा बना देते हैं।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.