Heer Ranjhey dey hogaye meeley
Bholi Heer dhondi beley
Ranjhan yaar baghal wich kheyley
Surt na rahya, surt sanbhaar
“When Heer Ranjha met each other, When the innocent Heer searched for him, Ranjha played in her lap, She could neither stay nor manage her emotions.”
— बुल्ले शाह
अर्थ
हीर رانجھے سے مل گئی، جب भोली हीर ने उसे ढूंढा, तो रंझा ने उसकी बाँहों में खेलना शुरू कर दिया। वह न रह पाई और न ही अपने भावों को संभाल पाई।
विस्तार
यह शेर बुल्ले शाह ने प्रेम के एक चंचल और मनमोहक पल को दर्शाया है। यह वर्णन करता है कि कैसे हीर और रंझा, एक-दूसरे से मिल जाने के बाद, अपने आनंद में खो गए हैं। भोली हीर, जो अभी भी मासूम है, रंझा की उपस्थिति से मोहित हो जाती है। शायर ने इस सहज आनंद और शुद्ध प्रेम के सामने अपनी भावनाओं को संभालने की नाजुक कोशिश को खूबसूरती से चित्रित किया है।
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