“Burning and burning like a candle, it consumed me to an end; nothing else, after all, came of this burning in my heart.”
मेरे दिल की जलन ने मुझे मोमबत्ती की तरह जला-जलाकर पूरी तरह ख़त्म कर दिया; इसके सिवा मुझे इस अंदरूनी जलन से और कुछ हासिल नहीं हुआ।
इस शेर में शायर अपने दिल के दर्द और विरह की आग की तुलना मोमबत्ती से करता है, जो रात भर जल-जलकर आख़िरकार ख़त्म हो जाती है। वह बेहद सादगी और उदासी से कहता है कि इस 'सोज़-ए-जिगर' ने मुझे पूरी तरह पिघलाकर मिटा तो दिया, लेकिन इसके सिवा इस जलन का कोई नतीजा न निकला—न महबूब मिला और न ही कोई राहत। यह उस दर्दनाक एहसास की तस्वीर है जहाँ इश्क़ में सब कुछ होम हो गया, मगर बदले में सिवाय अपनी ही बर्बादी के कुछ हाथ न आया।
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