इश्क़ का रस्ता सरासर है दम-ए-शमशीर पर बुल-हवस इस राह में रखना क़दम क्या सहल है

“The path of love runs entirely upon a sword's sharp edge; O creature of mere lust, is it so easy to tread this road?”

— बहादुर शाह ज़फ़र
अर्थ

इश्क़ का रास्ता पूरी तरह तलवार की धार पर चलने जैसा है। ऐ हवस के पुजारी, क्या इस कठिन मार्ग पर क़दम रखना इतना आसान है?

विस्तार

यहाँ शायर सच्चे इश्क़ और सिर्फ़ सतही चाहत यानी हवस के बीच का गहरा फ़र्क़ समझा रहे हैं। वे इश्क़ के सफ़र की तुलना तलवार की तेज़ धार पर चलने से करते हैं, जहाँ हर क़दम पर भारी ख़तरा, त्याग और इम्तिहान होता है। जो लोग मोहब्बत को महज़ एक आसान खेल या शौक समझते हैं, शायर उनसे तंज़िया अंदाज़ में पूछते हैं कि क्या उन्हें सचमुच लगता है कि इस नाज़ुक और ख़तरनाक राह पर चलना इतना आसाँ है?

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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