हम ने तिरी ख़ातिर से दिल-ए-ज़ार भी छोड़ा तू भी न हुआ यार और इक यार भी छोड़ा

“For your sake, I surrendered even my weeping heart; you never became my beloved, and I lost a friend as well.”

— बहादुर शाह ज़फ़र
अर्थ

तुम्हारी ख़ातिर मैंने अपने दुखी दिल को भी छोड़ दिया, मगर तुम भी मेरे न बन सके और मैंने अपना एक यार भी खो दिया।

विस्तार

इस शेर में एकतरफ़ा इश्क़ का वह दर्द झलकता है जहाँ इंसान सब कुछ लुटाकर भी ख़ाली हाथ रह जाता है। महबूब को पाने की चाह में शायर ने न सिर्फ़ अपने तड़पते दिल की बात अनसुनी कर दी, बल्कि किसी सच्चे दोस्त या साथी से भी रिश्ता तोड़ लिया। मगर त्रासदी यह रही कि जिसे पाने के लिए सब छोड़ा, वह कभी अपना न हुआ और इस सौदे में आशिक़ ने अपने सच्चे यार को भी हमेशा के लिए गँवा दिया।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.