“If there's no sorrow, then no quality is in me, I am content that I have brought nobility with me.”
यदि मुझमें कोई संताप नहीं है तो कोई खूबी भी नहीं है, मुझे यह संतोष है कि मैं खानदानियत लेकर आया हूँ।
यह शेर आत्म-स्वीकृति और आंतरिक शांति के स्रोत पर एक गहरा विचार है। शायर कहते हैं कि अगर जीवन में कोई दुख या संघर्ष ही न हो, तो शायद इंसान में कोई ख़ूबी भी नहीं रह जाती। असली संतोष, असली सुकून.... किसी बड़ी उपलब्धि से नहीं मिलता, बल्कि उस पहचान और विरासत से मिलता है जिसके साथ हम पैदा हुए हैं। यह अपनी जड़ें और अपनी पहचान को स्वीकारने का एक शानदार नज़रिया है।
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