दृष्टि मिलते ही पलकों के मध्य,उगे संबंध रेशमी वह ग़ज़ल।
“As glances meet within the eyelids, A silken bond emerges, that ghazal.”
— अमृत घायल
अर्थ
जब पलकों के बीच नज़रें मिलती हैं, एक रेशमी संबंध पनपता है। यही कोमल बंधन वह ग़ज़ल है।
विस्तार
यह शेर उस पल की बात करता है जब नज़रें मिलती हैं और दिल में एक अहसास बस जाता है। शायर कहते हैं कि यह रिश्ता इतना नाज़ुक है, जैसे रेशम का धागा। यह कोई धीरे-धीरे बनने वाला रिश्ता नहीं है, बल्कि एक झटके में, पलकों के बीच से ही, एक पूरी ग़ज़ल की तरह खुल जाता है। एक नज़र का जादू, बस यही है!
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