निहाली जाम, ‘घायल’ रंग में आ गए कैसे?कई वर्षों के बाद जैसे हुए वर्षा के छींटे!
“Beholding the cup, how 'Ghayal' came into his element?As if, after many years, the rain's first drops were sent!”
— अमृत घायल
अर्थ
जाम को देखते ही 'घायल' में ऐसी उमंग और उत्साह भर गया, मानो कई वर्षों के सूखे के बाद बारिश की पहली बूँदें गिरी हों। यह किसी लंबे इंतजार के बाद मिली खुशी या प्रेरणा का वर्णन है।
विस्तार
ये शेर उस अचानक हुए और गहरे असर की बात करता है जो महबूब के रंग में होता है। बहुत लंबे समय तक जब दिल में ठहराव होता है, और फिर अचानक ये इश्क़ की बारिश हो जाती है, तो ये एहसास बहुत ही गहरा होता है। शायर जी ने इस नशीले और घायल होने के एहसास को बहुत खूबसूरती से बयां किया है।
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