“Just keep touching her with this steady gaze,She feels so very soft in that wise one's guise!”
बस अपनी इस स्थिर दृष्टि से उसे छूते रहो; वह उस समझदार के वेश में बहुत कोमल लगती है।
यह शेर एक बहुत ही नज़ाकत भरी बात कह रहा है। शायर कह रहे हैं कि सामने वाली शख़्सियत में एक ऐसी कोमलता है, जो उसके ज्ञान या समझदारी के वेश में भी झलकती है। ऐसा लगता है जैसे ज्ञान और नज़ाकत दोनों एक साथ मौजूद हैं। यह सिर्फ़ देखना नहीं है, बल्कि उस कोमलपन को महसूस करने की एक चाहत है, जो किसी ज्ञानी के होने से और भी ज़्यादा निखर जाती है।
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