“What is the thorn's might, that it could pierce my foot?In my own heel, a painful corn resides, I know.”
काँटे की क्या मज़ाल कि मेरे पैर में घुस जाए? मुझे पता है कि मेरी ही एड़ी में गठान है।
यह शेर आत्म-जागरूकता और आंतरिक बल पर एक गहरा विचार है। शायर कहते हैं कि बाहर का कोई कंटक, कोई भी मुश्किल, मेरे पैरों में घुसकर मुझे परेशान नहीं कर सकती। असली बात तो यह है कि मुझे अपनी ही एड़ी में एक गट्टा, एक कमी है... और मुझे इसका पूरा ज्ञान है। इसका मतलब है कि बाहरी चुनौतियों से कहीं ज़्यादा बड़ी लड़ाई तो अपने अंदर होती है, और उस सच्चाई को जानना ही सबसे बड़ी ताकत है।
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