कोई न कोई अचानक गया जीवन में मर,एक दिन न गया हाय, हादसे के बगैर।
“Someone or another suddenly died in life,Not a single day passed, alas, without an accident.”
— अमृत घायल
अर्थ
कोई न कोई अचानक जीवन में मर गया। हाय, एक भी दिन ऐसा नहीं गया जिसमें कोई दुर्घटना न हुई हो।
विस्तार
यह शेर जीवन के सबसे गहरे और खौफनाक सवाल पर है। हमें किसी दुर्घटना से मरने का डर नहीं होता, बल्कि उस अचानक, शांत मौत का डर होता है, जब ज़िंदगी बिना किसी आहट के बस थम जाती है। शायर हमें याद दिला रहे हैं कि जीवन कितना अनिश्चित है, और सबसे बड़ा रहस्य तो बस 'अचानक' आ जाता है।
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