“The very heart from which I had so much to achieve—it is now about to be consumed entirely by longing.”
जिस दिल से हमें बहुत से काम लेने थे, वह अब पूरी तरह से केवल ख़्वाहिशों और आरज़ूओं में ही खर्च हुआ जा रहा है।
इस शेर में दिल की बेबसी और इश्क़ की लाचारी को बड़ी सादगी से बयां किया गया है। शायर ने अपनी ज़िंदगी में इस दिल के भरोसे बहुत से बड़े काम करने के मंसूबे बांधे थे, मगर अब वो देखता है कि दिल सब कुछ भूलकर सिर्फ़ किसी की आरज़ू में ख़र्च हुआ जा रहा है। दुनियादारी के सारे इरादे धरे के धरे रह गए हैं और दिल केवल एक तड़प बनकर रह गया है।
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