है ये तकिया तिरी अताओं पर वही इसरार है ख़ताओं पर

“Such is the trust I place in Your boundless grace, that I persist still in each transgression.”

— अल्ताफ़ हुसैन हाली
अर्थ

आपकी कृपा और बख़्शिश पर मेरा ऐसा भरोसा है कि मैं लगातार अपनी गलतियों और गुनाहों पर ही अड़ा हुआ हूँ।

विस्तार

इस शेर में शायर ने ईश्वर या महबूब के साथ एक बेहद मासूम और गहरा रिश्ता बयां किया है। वह स्वीकार करता है कि उसकी गलतियां जारी हैं, पर यह किसी ढिठाई से नहीं बल्कि इस अटूट भरोसे से है कि महबूब की रहमत और बख्शीश उसकी हर खता से कहीं बड़ी है। यह इंसान की कमजोरियों और खुदा की बेपनाह रहमत के दरमियान एक दिल को छू लेने वाला संवाद है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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