'हाली' उट्ठा हिला के महफ़िल को आख़िर अपना कहा किया तू ने

“You rose, O Hali, shaking the assembly to its core; / In the end, you did just what you had declared before.”

— अल्ताफ़ हुसैन हाली
अर्थ

ऐ हाली, तू पूरी महफ़िल को झकझोर कर उठ खड़ा हुआ; आखिरकार तूने वही कर दिखाया जो तूने कहा था।

विस्तार

हाली इस शे'र में ख़ुद से ही मुख़ातब होकर एक गहरा तंज़ और फ़ख़्र महसूस कर रहे हैं। वे कहते हैं कि आख़िरकार तुमने अपनी सदा से इस बेख़बर और सोई हुई महफ़िल को झकझोर कर रख ही दिया। जो पैग़ाम और बदलाव लाने का तुमने इरादा किया था, तमाम खामोशियों को तोड़ते हुए तुमने वह कर दिखाया। यह शेर महज़ शायरी नहीं, बल्कि दिल से निकली उस पुकार की ताक़त को बयां करता है जो सोए हुए ज़मीरों को जगा देती है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.

← Prev20 / 20