न मिला कोई ग़ारत-ए-ईमाँ रह गई शर्म पारसाई की

“No plunderer of faith ever crossed my way; and so the honor of my piety was saved.”

— अल्ताफ़ हुसैन हाली
अर्थ

ईमान को लूटने वाला कोई नहीं मिला, बस इसी वजह से मेरी परहेज़गारी और पवित्रता की लाज बच गई।

विस्तार

इस शेर में शायर ने बड़ी ख़ूबसूरत और चुटीली बात कही है। वे कहते हैं कि उनकी परहेज़गारी और नेकी की लाज केवल इसलिए बच गई क्योंकि उन्हें कोई ऐसा दिलकश महबूब नहीं मिला जो उनका ईमान छीन लेता। यानी उनकी पवित्रता किसी आध्यात्मिक जीत का नतीजा नहीं, बल्कि महज़ एक इत्तेफ़ाक़ है कि इश्क़ के किसी दिलफ़रेब इम्तिहान ने उन्हें कभी आज़माया ही नहीं।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.