धूम थी अपनी पारसाई की की भी और किस से आश्नाई की

“Famed far and wide was the renown of my piety; and yet, look with whom I chose to fall in love!”

— अल्ताफ़ हुसैन हाली
अर्थ

मेरी पवित्रता और परहेज़गारी की हर तरफ़ धूम थी, लेकिन जब मैंने प्यार भी किया तो देखो किससे दिल लगाया।

विस्तार

इस शेर में एक ख़ूबसूरत तंज़ और दिली मासूमियत छुपी है। शायर अपनी ही सादगी पर मुस्कुराते हुए कहता है कि दुनिया भर में उसकी नेकी और परहेज़गारी के चर्चे थे, पर जब दिल हारने की नौबत आई तो उसने सबसे ख़ास और बदनाम दिलकश महबूब को चुन लिया। यह शेर बड़े प्यार से याद दिलाता है कि जब सच्चा इश्क़ दस्तक देता है, तो बरसों से संजोए गए सारे उसूल और पाबंदियाँ एक पल में हवा हो जाती हैं।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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