जब कहा मैं ने तड़पता है बहुत अब दिल मिरा हंस के फ़रमाया तड़पता होगा सौदाई तो है

“When I said, 'My heart writhes in agony now', smiling, she replied, 'It must writhe—it is mad, after all.'”

— अकबर इलाहाबादी
अर्थ

जब मैंने कहा कि अब मेरा दिल बहुत तड़प रहा है, तो उन्होंने हँसकर कहा कि तड़पता ही होगा, आख़िरकार वह दीवाना जो है।

विस्तार

इस शे’र में आशिक़ के दर्द और महबूब की शोख़ी का बड़ा ही खूबसूरत मंज़र है। जब आशिक़ अपने तड़पते दिल की फरियाद करता है, तो महबूब हमदर्दी जताने के बजाय मुस्कुराकर कह देता है कि 'दीवाने का दिल तो तड़पेगा ही, इसमें नया क्या है!' यह उस मीठी सितमगरी को बयां करता है जहाँ महबूब आशिक़ के दर्द को भी उसकी दीवानगी का लाज़मी हिस्सा मानकर बेपरवाही से मुस्कुरा देता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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