पेचीदा ज़िंदगी के करो तुम मुक़द्दमे दिखला ही देगी मौत नतीजा निकाल के

“Keep pleading the tangled lawsuits of this life; in the end, death will surely bring the verdict to light.”

— अकबर इलाहाबादी
अर्थ

तुम ज़िंदगी के उलझे हुए मुक़दमे लड़ते रहो, अंत में मौत ही सारा नतीजा निकाल कर सामने रख देगी।

विस्तार

शायर ने ज़िंदगी को एक ऐसी उलझी हुई अदालत के रूप में देखा है, जहाँ हम रोज़ अपनी ख़्वाहिशों, ग़मों और तकरार के मुक़द्दमे लड़ते रहते हैं। लेकिन शेर बड़ी सादगी से यह हक़ीक़ت सामने रखता है कि चाहे हम कितनी भी दलीलें तराश लें, आख़िर में मौत ही वह अंतिम मुंसिफ़ बनकर आएगी जो सारा फ़ैसला साफ़ कर देगी। यह ज़िंदगी की आपाधापी और दुनियावी उलझनों की बेमायनेियत पर एक गहरा और शांत तंज़ है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.