जुज़ मर्तबा-ए-कल को हासिल करे है आख़िर
यक क़तरा न देखा जो दरिया न हुआ होगा
“It is destined that the status of yesterday will be attained at last; a river could not be made from a drop that was never seen.”
— میر تقی میر
معنی
آخر کار کل کا مرتبہ حاصل کرے ہے آخر، اک قطرہ نہ دیکھا جو دریا نہ ہوا ہو گا
تشریح
यह शेर विकास और अनुभव की अहमियत को बयान करता है। शायर कहते हैं कि किसी भी क़तरा को दरिया बनने के लिए, उसे दरिया के बहाव में बहना ज़रूरी है। यानी, मुकम्मल होने के लिए ज़िंदगी के हर अनुभव से गुज़रना पड़ता है।
