सिरहाने 'मीर' के कोई न बोलो
अभी टुक रोते रोते सो गया है
“Don't speak of 'Mir' near the pillow, For he has just fallen asleep in tears.”
— میر تقی میر
معنی
سرہانے 'میر' کے کوئی نہ بولو، ابھی ٹک روتے روتے سو گیا ہے۔
تشریح
यह शेर उस गहन थकावट को बयां करता है जो गहरे ग़म के बाद आती है। मीर तक़ी मीर कहते हैं, 'सिरहाने मेरे कोई न बोलो, अभी रोते-रोते सो गया है।' यह उस वक़्त का इज़हार है जब दिल की आवाज़ें भी किसी के लिए बोझ बन जाती हैं।
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