सब्र भी करिए बला पर 'मीर'-साहिब जी कभू
जब न तब रोना ही कुढ़ना ये भी कोई ढंग है
“Wait patiently for the misfortune, O Mir Sahib, for it is not the way to cry or mourn when it has not yet come.”
— میر تقی میر
معنی
بلا پر صبر بھی کیجیے، اے میر صاحب، کیونکہ جب وہ نہیں آئی ہے، تب رونا یا غم کرنا کوئی طریقہ نہیں۔
تشریح
यह शेर सब्र और आत्म-नियंत्रण का बेहतरीन तफ़सील है। शायर जी कहते हैं कि हर बला पर सब्र रखना ज़रूरी है... मगर ग़म या रोना भी तब तक ग़लत है, जब तक उसका कोई वाजिब कारण न हो। यह दिल को वज़्न और समझदारी से जीना सिखाता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
← Prev12 / 12
