पीरी में क्या जवानी के मौसम को रोइए
अब सुब्ह होने आई है इक दम तो सोइए
“Do not weep for the season of youth in your bed, For dawn is here, come, sleep now.”
— میر تقی میر
معنی
بستر پر جوانی کے موسم پر رونا نہ، اب صبح ہونے آئی ہے، آ کر سو جا۔
تشریح
ये शेर गुज़रते वक़्त और ग़मों के फ़लसफ़े को बयान करता है। शायर कहते हैं कि जवानी के मौसमों पर रोना बंद करो, क्योंकि सुबह का सवेरा हो चुका है। अब बस सुकून से सो जाओ और नई शुरुआत का इंतज़ार करो।
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