याँ सरकशाँ जो साहब-ए-ताज ओ लवा हुए
पामाल हो गए तो न जाना कि क्या हुए
“If the master of the crown, the great lord, should wander and stray, Do not know what has happened when he has become desolate.”
— میر تقی میر
معنی
اگر صاحبِ تاج، جو عظیم رب ہے، بھٹک جائے اور بہک جائے، تو نہ جاننا کہ کیا ہوا جب وہ مفلس ہو گیا۔
تشریح
ये शेर उस वक़्त की बात है जब किसी का रुतबा, उसकी शोहरत, या उसका ओहदा... सब कुछ ज़ाया हो जाए। शायर Mir Taqi Mir कहते हैं कि ऐसे पतन के अंजाम को कौन जान सकता है!
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