आगे हमारे अहद से वहशत को जा न थी
दीवानगी कसो की भी ज़ंजीर-ए-पा न थी
“Before me, the wilderness was unknown to his covenant, His madness was also beyond the chains of fate.”
— میر تقی میر
معنی
میرے آگے، وہ وحشت اس کے عہد سے نا جان تھی، اور دیوانگی بھی کس کی زنجیرِ پنہ تھی।
تشریح
ये शेर उस इश्क़ की हद बयां करता है, जहां कोई डर या बंधन मायने नहीं रखता। जब दिल किसी की धुन में मग्न हो जाता है, तो वजूद की कोई ज़ंजीर नहीं बचती।
1 / 9Next →
