घबरा न 'मीर' इश्क़ में उस सहल-ए-ज़ीस्त पर
जब बस चला न कुछ तो मिरे यार मर गए
“Do not panic, Meer, in the love of this mortal life's expanse, For when I ceased to move, my beloveds perished.”
— میر تقی میر
معنی
غبرا نہ 'میر' عشق میں اس سہلِ زیست پر، جب بس چلا نہ کچھ تو میرے یار مر گئے۔
تشریح
यह शेर ज़ाहिर करता है कि इश्क़ की राह पर घबराना नहीं चाहिए। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि बस यूँ ही ज़िंदा रहने से ही मेरे यार गुज़र गए। यह वजूद की नाज़ुकता का बयान है।
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