कोई बुझती है ये भड़क में अबस
तिश्नगी पर इ'ताब करता हूँ
“This burning passion is fading now, I am suffering from thirst (of love).”
— میر تقی میر
معنی
कोई बुझती नहीं ये भड़क में अबस। मैं अपनी तश्नगी पर इ'ताब करता हूँ।
تشریح
यह शेर आशिक़ के दिल की कशमकश है। शायर पूछते हैं कि क्या यह जुनून बुझ रहा है... मगर फिर कहते हैं कि मैं इस तड़प को जी रहा हूँ। यह हार न मानने वाले इश्क़ का इज़हार है।
آڈیو
تلاوت
ہندی معنی
انگریزی معنی
ہندی تشریح
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