थी किसी दरमाँदा रह-रौ की सदा-ए-दर्दनाक
जिस को आवाज़-ए-रहील-ए-कारवाँ समझा था मैं
“It was a painful cry, not of any madwoman, Which I had thought was the sound of a traveling caravan.”
— علامہ اقبال
معنی
یہ کسی دیوانے عورت کی دردناک آواز تھی، جسے میں ایک گھومتے ہوئے کارواں کی آواز سمجھ رہا تھا۔
تشریح
ये शेर ग़लतफ़हमी के दर्द को बयाँ करता है। शायर कहते हैं कि मैंने किसी दरमाँदा की दर्द भरी पुकार को... महज़ एक कारवाँ का शोर समझा था। यह दिल की नाज़ुक सच्चाई है।
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