मिरे अशआ'र ऐ 'इक़बाल' क्यूँ प्यारे न हों मुझ को
मिरे टूटे हुए दिल के ये दर्द-अंगेज़ नाले हैं
“My poems, O Iqbal, why aren't they dear to me? / These streams of pain from my broken heart are too much.”
— علامہ اقبال
معنی
میرے اشعار اے اقبال، کیوں پیارے نہ ہوں مجھ کو۔ میرے ٹوٹے ہوئے دل کے یہ درد انگے نالے ہیں।
تشریح
यह शेर शायर के अंदरूनी दर्द को बयान करता है। वह कहते हैं कि मेरी शायरी में वो सुकून क्यों नहीं है जो मुझे चाहिए। क्योंकि ये अशआर... सिर्फ़ मेरे टूटे हुए दिल के दर्द का इज़हार हैं।
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