भड़के है दिल की आतिश तुझ नेह की हवा सूँ शोला नमत जला दिल तुझ हुस्न-ए-शोला-ज़ा सूँ

“The fire of my heart flares high with the breeze of your love; like a leaping flame, my heart burns from your flame-spawning beauty.”

— वली दकनी
अर्थ

तुम्हारे प्रेम की हवा से मेरे दिल की आग भड़क उठती है, और तुम्हारे शोले पैदा करने वाले सौंदर्य से मेरा दिल लपट की तरह जल उठा है।

विस्तार

दकनी शायरी की मिठास समेटे इस शेर में इश्क़ को आग और हवा के रूपक से बड़ी खूबसूरती से समझाया गया है। शायर कहता है कि महबूब के प्यार की हवा दिल में लगी आग को बुझाने के बजाय और भड़का देती है, और उसका शोले जैसा हुस्न इस आग को मुकम्मल तौर पर दहका देता है। यह शेर मुहब्बत की उस पुरकैफ़ दीवानगी को दिखाता है जहाँ दिल का जलना ही उसकी सबसे मीठी प्यास बन जाता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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