“It fights, it quarrels, it laughs, it cries, Life, indeed, like water, just flows on.”
लोग लड़ते हैं, झगड़ते हैं, हंसते हैं और रोते हैं, लेकिन जीवन तो पानी की तरह बस बहता ही चला जाता है।
जीवन हर तरह के अनुभवों से भरी एक सुंदर यात्रा है। हम लड़ते-झगड़ते हैं, हम हँसते हैं और हम रोते भी हैं। यह दोहा हमें खूबसूरती से याद दिलाता है कि इन सभी उतार-चढ़ावों के बावजूद, जीवन पानी की तरह लगातार बहता रहता है। जैसे एक नदी कभी नहीं रुकती, वैसे ही हमारा जीवन भी हर भावना और घटना के बीच हमें आगे बढ़ाता रहता है। यह हर पल को, चाहे वह अच्छा हो या बुरा, स्वीकार करने के लिए एक कोमल अनुस्मारक है, क्योंकि जीवन की धारा निरंतर और हमेशा आगे बढ़ती रहती है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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