होना आशिक़ सच कर इस दुश्मन-ए-ईमान का — शेख़ इब्राहीम ज़ौक़

होना आशिक़ सच कर इस दुश्मन-ए-ईमान का दिल न कर जल्दी कि जल्दी काम है शैतान का

“Prove true your love for this enemy of faith at last— but make no haste of heart, for haste is Satan's craft.”

— शेख़ इब्राहीम ज़ौक़

अर्थ

इस ईमान के दुश्मन का आशिक़ होना सच कर दिखा, मगर दिल को जल्दी मत कर, क्योंकि जल्दबाज़ी शैतान का काम है।

विस्तार

यह शेर प्यार में जल्दबाज़ी से कोमलता से रोकता है। कवि कहते हैं कि अगर इश्क़ करो, तो उसे सच्चा और ईमानदार बना लो, भले ही सामने वाला ईमान का दुश्मन-सा लगे। पर दिल को जल्दी मत करने दो, क्योंकि जल्दबाज़ी तो शैतान का काम है। जब हम हड़बड़ी में कुछ करते हैं, तो अक्सर गलतियों और बहकावे में पड़ जाते हैं। सच्चे प्यार के लिए सब्र, ठहराव और शांत मन चाहिए। इसलिए समय लो, अपने जज़्बों को ईमानदारी से पकने दो, और जल्दबाज़ी की ख्वाहिश से बचो, क्योंकि यही बेसब्री मुसीबत की शुरुआत बनती है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.

1 / 11Next →