हंगामा गर्म हस्ती-ए-नापायदार का — शेख़ इब्राहीम ज़ौक़

हंगामा गर्म हस्ती-ए-नापायदार का चश्मक है बर्क़ की कि तबस्सुम शरार का

“The tumult burns of this impermanent existence we hold— a wink it is of lightning, or the smile a spark unfolds.”

— शेख़ इब्राहीम ज़ौक़

अर्थ

इस नश्वर अस्तित्व का हंगामा तीव्र है; यह मानो बिजली की आँख का इशारा है या चिंगारी की मुस्कान है।

विस्तार

यह शेर हमें याद दिलाता है कि हमारा जीवन कितना क्षणभंगुर है। शायर कहते हैं कि हमारी पूरी हस्ती बस एक छोटा सा, गर्म हंगामा है, एक ऐसी हलचल जो टिकने वाली नहीं। वे इसकी तुलना आसमान में चमकती बिजली की कौंध से करते हैं, या फिर किसी चिंगारी की पल भर की मुस्कान से। जैसे बिजली एक पल को चमककर गायब हो जाती है, और चिंगारी जलते ही बुझ जाती है, वैसे ही हमारा समय चमकदार मगर बेहद छोटा है। इस क्षणिक चमक में सुंदरता भी है, और यह कोमल संदेश भी कि कुछ भी हमेशा नहीं रहता। जीवन रोशन है, प्यारा है, और पलक झपकते ही बीत जाता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.

1 / 14Next →