“Be they spoken in kindness or in anger's heat, the words of the beloved are forever sweet.”
चाहे प्यार और मेहरबानी से कही गई हों या गुस्से में, महबूब की बातें हमेशा प्यारी ही लगती हैं।
यह शेर इश्क़ के उस मासूम और गहरे जज़्बे को बयां करता है, जहाँ महबूब का हर अंदाज़ दिल को छू जाता है। महबूब चाहे प्यार से बात करे या फिर नाराज़गी और ग़ुस्से में, आशिक़ के कानों में उसकी हर बात शहद जैसी ही घुलती है। मोहब्बत में तकरार भी बुरी नहीं लगती, क्योंकि जब बात दिल के क़रीब रहने वाले की हो, तो उसका ग़ुस्सा भी एक तरह की इनायत ही महसूस होता है।
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