क़ुव्वत-ए-इस्लाम ज़ाहिर हो गई कुफ़्फ़ार पर हाथ मुश्किलकुशा के जब ख़ैबर खुला

“The might of Islam was made manifest before the infidels, when by the hand of the Solver of Sorrows, Khaybar was forced wide open.”

— शाह तुराब अली क़लंदर
अर्थ

जब मुश्किलकुशा (हज़रत अली) के हाथों ख़ैबर का क़िला खुला (फ़तह हुआ), तब काफ़िरों पर इस्लाम की ताक़त पूरी तरह ज़ाहिर हो गई।

विस्तार

यह शेर इस्लामी इतिहास के एक बेहद मशहूर और पुरअसर वाक़िये, यानी ख़ैबर की फ़तह की याद दिलाता है। शायर कहते हैं कि जब हज़रत अली—जिन्हें 'मुश्किलकुशा' यानी हर संकट को टालने वाला कहा जाता है—ने अपने हाथों से ख़ैबर के भारी क़िले का दरवाज़ा उखाड़ फेंका, तो दुनिया के सामने ईमान की असली ताक़त ज़ाहिर हो गई। यह महज़ किसी जंग की दास्तान नहीं, बल्कि यह यक़ीन दिलाता है कि हक़ और रूहानी ताक़त के आगे कोई भी मुश्किल या रुकावट टिक नहीं सकती।

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