“The One who made one a Joseph and another a Jacob in yearning, has made me the seeker and you the desired.”
जिसने किसी को यूसुफ़ जैसा रूपवान और किसी को याक़ूब जैसा चाहने वाला बनाया, उसी ने मुझे तुम्हारा आशिक़ और तुम्हें मेरा महबूब बनाया है।
इस शेर में शायर हज़रत यूसुफ़ के बेमिसाल हुस्न और उनके पिता याक़ूब के सब्र व हिज्र के दर्द का खूबसूरत हवाला दे रहा है। वो बड़ी सादगी से कहता है कि यह कोई इत्तेफ़ाक़ नहीं, बल्कि उस बनाने वाले की ही मर्ज़ी है जिसने जहाँ में एक तरफ़ मुकम्मल हुस्न तराशा और दूसरी तरफ़ उसके लिए तड़पने वाला दिल बनाया। यानी उसने आपको ऐसा दिलकश बनाया जिसकी चाहत की जाए, और मेरी क़िस्मत में हमेशा-हमेशा के लिए आपकी तलब और इबादत लिख दी।
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