शब रात जहाँ ख़्वाब में तू दिखलाया है ख़्वाब का मज़े लिया और हवा

“Last night, where you appeared before me in a dream / I tasted the dream's sweet joy, and it vanished like the wind.”

— शाह तुराब अली क़लंदर
अर्थ

पिछली रात जब तुम मुझे सपने में दिखाई दिए, तो मैंने उस ख़्वाब का आनंद लिया और फिर वह हवा की तरह ओझल हो गया।

विस्तार

यह शेर ख़्वाब में महबूब के दीदार की उस मीठी और बेचैन कर देने वाली कैफ़ियत को बयां करता है। शायर ने उस हसीन लम्हे का ज़िक्र किया है जब ख़्वाब में महबूब सामने आया और उसका दीदार दिल को सुकून दे गया, मगर आँख खुलते ही वह ख़ुशी हवा के झोंके की तरह ग़ायब हो गई। यह शेर मोहब्बत के उस दर्द को छूता है, जहाँ सबसे ख़ूबसूरत लम्हे भी मुट्ठी में रेत की तरह फिसल कर ओझल हो जाते हैं।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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