“Were the cosmos not a canvas of wondrous illusion, each fleeting moment would not unveil His ever-new expression.”
अगर यह संसार विविध रंगों और चमत्कारों की अभिव्यक्ति न होता, तो हर पल ईश्वर का यह नया रूप और अंदाज़ दिखाई न देता।
यह शेर कायनात को एक ऐसे जादुई कैनवस की तरह देखता है, जहाँ हर पल कुछ नया जन्म ले रहा है। शायर कहते हैं कि अगर यह पूरी दुनिया ईश्वर के बदलते रंगों और अजूबों को दिखाने का ज़रिया न होती, तो हमें ज़िंदगी के हर मोड़ पर उसका एक अनोखा अंदाज़ देखने को न मिलता। यह दरअसल कुदरत और खुदा के उस कभी न ठहरने वाले हुस्न की दास्तान है, जो हर लम्हा अपने नए रूप से हमें हैरान कर देता है।
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