जुनूँ के वलवले जब घुट गए दिल में निहाँ हो कर तो उट्ठे हैं धुआँ हो कर गिरे हैं बिजलियाँ हो कर

“When the wild surges of madness were stifled, hidden within the heart / They rose aloft as billows of smoke, and crashed down as bolts of lightning.”

— नज़्म तबातबाई
अर्थ

जब दीवानगी के जज़्बात दिल में छुपकर घुट गए, तो वे धुएँ की तरह ऊपर उठे और बिजलियाँ बनकर नीचे गिरे।

विस्तार

यह शेर दबी हुई भावनाओं और अनकहे जुनून के दर्दनाक अंजाम को बयां करता है। जब दिल की गहरी उमंगों और दीवानगी को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिलता और उन्हें अंदर ही दबा दिया जाता है, तो वे खत्म नहीं होतीं। वे या तो आहों और घुटन का धुआं बनकर रूह को घेर लेती हैं, या फिर बिजली बनकर खुद उसी दिल पर गिरती हैं और सब तबाह कर देती हैं।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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