दिखला हिनाई दस्त लिया झपटे दीन-ओ-दिल — नज़ीर अकबराबादी

दिखला हिनाई दस्त लिया झपटे दीन-ओ-दिल क्या दस्तरस हो देखिए इस दस्तगाह को

“Showing the henna-stained hand, she snatched away faith and heart in a flash; Let us see what reach we have against so deft a sleight of hand.”

— नज़ीर अकबराबादी

अर्थ

मेहंदी लगे हाथ दिखाकर उसने पल भर में दीन और दिल दोनों छीन लिए; अब देखें कि इस कुशल हाथ की सफ़ाई पर हमारा कितना बस चलता है।

विस्तार

महबूब ने बस अपने मेहंदी लगे हाथ दिखाए, और उसी एक झलक में उसने शायर का ईमान और दिल दोनों छीन लिए। वह हैरान है कि इतनी आसानी से यह सब कैसे हो गया। अब वह सोचता है कि ऐसी कला और हुनर के आगे किसी की क्या बिसात, किसकी पहुँच हो सकती है। महबूब का हुस्न इतना असरदार है कि उसके सामने ठहरना नामुमकिन है। यहाँ तारीफ़ भी है और समर्पण भी। शायर मान लेता है कि इस कमाल के आगे इंसानी दिल का कोई बचाव नहीं। यह प्यार के जादू में पूरी तरह खो जाने का एक कोमल इक़रार है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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