हमदम छुपा वे दान कोई क्या दिलकी चाह को — नज़ीर अकबराबादी
“O my beloved, how can anyone conceal the heart's desire? The whole world comprehends it from the very first glance.”
अर्थ
ऐ हमदम, दिल की चाहत को भला कोई कैसे छुपा सकता है? सारी दुनिया पहली ही नज़र में इसे समझ लेती है।
विस्तार
यह शेर प्यार से यह बात कहता है कि दिल की चाहत को कोई सच में छिपा नहीं सकता। चाहे इंसान कितनी भी कोशिश करे, मन की तमन्ना अपने आप झलक ही जाती है। शायर कहते हैं कि सारी दुनिया उस पहली नज़र को समझ जाती है। वही एक नज़र दिल के भीतर की हर बात बयान कर देती है। इसलिए जिस राज़ को आप मन में छिपाए रखते हैं, वह असल में राज़ रहता ही नहीं। आँखें शब्दों से पहले बोल देती हैं, और एक पहली निगाह ही आपके दिल की पूरी ख़्वाहिश सबके सामने कह देती है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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