“Where nature's virtues are portrayed, with knowledge and good grace,The world's grand plays, its passions deep, there, finest poems find their place.”
जहाँ स्वभाव के गुण, विद्या और शिष्टाचार चित्रित होते हैं, और जहाँ संसार के नाटक तथा जोश भरे होते हैं, वहीं उत्तम कविता का जन्म होता है।
यह दोहा बताता है कि सच्ची और उत्तम कविता वहीं जन्म लेती है जहाँ मानव स्वभाव के स्वाभाविक गुण, हमारा ज्ञान और शिष्टाचार चित्रित होते हैं। यह जीवन की लीलाओं और जोश को बखूबी दर्शाती है। जब कोई कवि इन तत्वों को जीवंत करता है, संसार के विभिन्न दृश्यों और भावनाओं की एक स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत करता है, तभी श्रेष्ठ कविता का सृजन होता है। यह जीवन के सभी प्राकृतिक रूपों और उसकी ऊर्जा का दर्पण होती है।
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