કુમુદ તું જો કવિતા કરે, દિલદરદ દરશાવ; ઈશ્વરને નામે અને, વર્ણી જંનસ્વભાવ.

“Kumud, if you write poetry, reveal the heart's pain; In God's name, too, describe human nature plain.”

— नर्मद
अर्थ

हे कुमुद, यदि तुम कविता करते हो, तो हृदय का दर्द प्रकट करो। ईश्वर के नाम पर भी, मानवीय स्वभाव का स्पष्ट वर्णन करो।

विस्तार

यह दोहा कुमुद या किसी भी कवि को सच्ची कविता का सार बताता है। इसका अर्थ है कि यदि आप कविता लिखते हैं, तो उसे अपने दिल के गहरे दर्द और पीड़ा को ईमानदारी से व्यक्त करना चाहिए। अपनी भावनाओं को छिपाना नहीं चाहिए। इसके अलावा, यह सलाह देता है कि इस कला को 'ईश्वर के नाम पर' एक उच्च उद्देश्य के लिए समर्पित किया जाए, जो भक्ति या आध्यात्मिक गहराई को दर्शाता है। और अंत में, इसे 'मानव स्वभाव का वर्णन' भी करना चाहिए, जिसका अर्थ है लोगों के जीवन और भावनाओं के विभिन्न पहलुओं को देखना और चित्रित करना। यह ऐसी कविता की पुकार है जो व्यक्तिगत, आध्यात्मिक और मानवीय स्थिति का सार्वभौमिक रूप से प्रतिबिंब हो।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.