दिल में शौक़-ए-रुख़-ए-रौशन न छुपेगा हरगिज़ — मोमिन ख़ाँ मोमिन
“The longing for that radiant face will never stay concealed within the heart— as if the moon could ever lie hidden behind a veil of gauze.”
अर्थ
उस रौशन चेहरे को देखने की चाहत दिल में कभी छुप नहीं सकती—भला चाँद कहीं महीन कपड़े के परदे में छुपा रह सकता है?
विस्तार
शायर कहते हैं कि किसी उजले, रौशन चेहरे को देखने की चाहत दिल के भीतर कभी छुप नहीं सकती। ऐसी गहरी तमन्ना अपने आप ज़ाहिर हो ही जाती है, चाहे आप उसे कितना भी छुपाने की कोशिश करें। वे इसकी तुलना चाँद से करते हैं। जैसे चमकता हुआ चाँद किसी पतले कपड़े के परदे में लपेटकर छुपाया नहीं जा सकता, वैसे ही सच्चे प्रेम और लगन की चमक को भी ढका नहीं जा सकता। उसकी रौशनी बाहर निकल ही आती है। यह एक कोमल याद दिलाती है कि सच्ची मोहब्बत की अपनी एक रौशनी होती है, और वह रौशनी दिल के जज़्बात को उजागर कर देती है।
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