मिल जाए गर यह ख़ाक में उसने मान की ख़ाक — मोमिन ख़ाँ मोमिन
“If her pride's dust should mingle here with the dust of earth, why then did that delicate foot slip upon the rose?”
अर्थ
यदि उसके घमंड की धूल इस मिट्टी में मिल जाए, तो फिर वह नाज़ुक पाँव फूल पर क्यों फिसल गया?
विस्तार
यह शेर घमंड और उसके गिर जाने की बात करता है। शायर कल्पना करते हैं कि प्रियतम की नाज़ुक, गर्वीली सुंदरता धरती की धूल में मिल जाए। उनका कोमल पाँव फिसल गया, मानो किसी फूल की नरम पंखुड़ी पर। इसमें एक सीख छिपी है: कोई कितना भी नाज़ुक या घमंडी क्यों न हो, एक पल उसे नीचे ला सकता है। फूल, जो इतना मुलायम और प्यारा है, वही गिरने का कारण बन जाता है। यह एक कोमल याद दिलाना है कि सुंदरता और अहंकार दोनों ही नाज़ुक हैं, और धरती हमें हमेशा विनम्रता की ओर बुलाती रहती है।
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