काम थे इश्क़ में बहुत पर 'मीर'
हम ही फ़ारिग़ हुए शिताबी से
“I had much passion for love, O Meer, But I was left empty of life's zest.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
अर्थात, मैं प्रेम के प्रति बहुत आसक्त था, पर 'मीर' कह रहा है कि मैं जीवन के उत्साह या आनंद से खाली हो गया।
विस्तार
यह शेर उस थकावट की बात करता है जो गहरे इश्क़ के बाद आती है। मीर कहते हैं कि ज़िंदगी में मोहब्बत के बहुत सारे रंग थे, बहुत कुछ किया.... लेकिन सबसे बड़ा दर्द यह है कि वो खुद अपनी उस 'शब' (रात) से दूर हो गए। यह सिर्फ़ महबूब से दूर होना नहीं है, बल्कि अपने जुनून और जोश से दूर हो जाना है। यह एक बहुत ही गहरा भावनात्मक खालीपन है।
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