खिलना कम कम कली ने सीखा है
उस की आँखों की नीम-ख़्वाबी से
“The bud has learned to bloom, From the sleep-drowsiness of those eyes.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
कली ने खिलना कम कम करना सीखा है, उस की आँखों की नींद-सी ख़्वाबी से।
विस्तार
यह शेर इश्क़ की सबसे नाज़ुक और ख़ूबसूरत हालत को बयां करता है। शायर कहते हैं कि कली का खिलना भी धीरे-धीरे हुआ है, और इसका कारण महबूब की आँखों की वह मदहोश नींद है। यह एहसास दिलाता है कि महबूब की निगाहें इतनी असरदार हैं कि आशिक़ का दिल भी धीरे-धीरे, एक-एक पल में, खुलता है।
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