हुई हैं फ़िक्रें परेशान 'मीर' यारों की — मीर तक़ी मीर
“My friends, my thoughts have become anxious, For 'Nizammi' is one who gathers all kinds of desires.”
अर्थ
मेरे दोस्तों, मेरे विचार चिंतित हो गए हैं, क्योंकि निज़ामी वह है जो हर तरह की इच्छाओं को इकट्ठा करता है।
विस्तार
यह शेर इंसान के संघर्ष को बहुत गहराई से समझाता है। मीर तक़ी मीर अपने दोस्तों को संबोधित करते हुए कहते हैं कि हाँ, तुम्हारी फ़िक्रें परेशान हैं, लेकिन असली परेशानी कहीं और है। वो कहते हैं कि समस्या तुम्हारी छोटी-छोटी फ़िक्रों में नहीं, बल्कि उन पाँचों इच्छाओं (हवास-ए-ख़मसा) के जमावड़े में है, जो निज़ामी की तरह हमें परेशान करती हैं। यह एक जीवन की गहरी चेतावनी है।
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