तू तो नादान है निपट नासेह
कब मोअस्सिर तिरी नसीहत है
“You are a naive, careless person, When will your advice become effective?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
तुम तो नादान हो, बिल्कुल नासाह। तुम्हारी नसीहत कब असर करेगी।
विस्तार
यह शेर उस इंसान पर एक गहरा कटाक्ष है जो बहुत सलाह देता है, लेकिन उसकी कोई कीमत नहीं होती। शायर कहते हैं कि आप नादान हैं, क्योंकि आपकी नसीहत, कितनी भी प्यारी क्यों न हो, कभी असर नहीं करती। यह उस निराशा को बयां करता है जब हम दिल से कोई बात कहते हैं, लेकिन सामने वाला कोई सीख नहीं लेता। एक गहरा तंज है, एक दर्द भरा एहसास!
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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