ता दम-ए-मर्ग ग़म ख़ुशी का नहीं
दिल-ए-आज़ुर्दा गर सलामत है
“O, the intoxication of death is not of sorrow or joy; if the heart of the sapphire is safe, it is so.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
शायर कह रहा है कि मौत का नशा न तो दुःख में है और न ही खुशी में; अगर नीला मन सुरक्षित है, तो वह ऐसा ही है।
विस्तार
यह शेर एक बहुत गहरे एहसास को बयां करता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि ज़िंदगी और मौत का जो गम या ख़ुशी का एहसास होता है, वो कुछ नहीं है। असली दौलत, असली चीज़, तो दिल का सलामत रहना है। हमारे लिए दिल की शांति, इस दुनिया की किसी भी खुशी या गम से कहीं ज़्यादा ज़रूरी है। यह सिर्फ़ दिल की सलामती पर फ़र्क करता है!
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